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फेज़

फेज़, Fes-Meknes में नमाज़ के समय

15 जुलाई 202629 मुहर्रम, 1448
अगली नमाज़
ज़ुहर
01:26 pm
02:30:02
फ़ज्र
04:32 am
सूर्योदय
06:20 am
अस्र
05:11 pm
मगरिब
08:32 pm
इशा
10:07 pm
गणना विधि बदलें

अलग विधि से समय देखें। मोरक्को का डिफ़ॉल्ट है मोरक्को हबूस एवं इस्लामी मामलों का मंत्रालय.

अतिरिक्त समय

इम्साक
04:22
आधी रात
01:26
क़ियाम-उल-लैल
03:04
रात का अंतिम तिहाई
क़िबला
क़िबला दिशा: उत्तर से 95.8° (लगभग पू)। मक्का तक 4,589 किमी।
आज रात चाँद देखनानंगी आँख से आसानी से दृश्य

फेज़, Fes-Meknes मोरक्को के सटीक नमाज़ के समय

फेज़, Fes-Meknes, मोरक्को में सटीक नमाज़ के समय प्राप्त करें, मोरक्को हबूस एवं इस्लामी मामलों का मंत्रालय विधि से अस्र के लिए मानक (शाफ़ी, हंबली, मालिकी) फ़िक़्ही गणना के साथ। आज फ़ज्र 04:32 पर शुरू होता है और इशा 22:07 पर। फ़ज्र से मगरिब तक रोज़े की अवधि 16 घंटे 0 मिनट है।

टाइमज़ोन और निर्देशांक

फेज़ Africa/Casablanca टाइमज़ोन (UTC +01:00) में स्थित है, अक्षांश 34.0568 और देशांतर -4.9943 पर। eSalah डेलाइट सेविंग टाइम के लिए स्वचालित रूप से समायोजित करता है।

🌑 फेज़ में आज रात चांद

पूरा विवरण →
कला
अमावस्या (2% रोशन)
सूर्योदय
06:19 am
सूर्यास्त
08:31 pm
चंद्रोदय
07:18 am
चंद्रास्त
09:41 pm
सूर्यास्त के बाद चांद के डूबने का अंतराल +1 घं 10 मि

सूर्यास्त के बाद चांद कितनी देर क्षितिज पर रहता है — नए हिजरी महीने की पूर्व-संध्या पर अर्धचंद्र दिखने का मुख्य संकेत।

🔭 सूर्यास्त पर आकाश — कहाँ देखें

10°20°30°SWWSWWWNWNWNNWNसूर्यचांद13° अज़ीमथ (क्षितिज पर कम्पास दिशा)

सूर्यास्त पर WNW दिशा की ओर मुख करें। अर्धचंद्र पश्चिमी क्षितिज के ऊपर चिह्नित ऊंचाई पर दिखेगा।

🧭 कहाँ देखें WNW · 12.6°

सूर्यास्त पर WNW की ओर देखें (अज़ीमथ 283°)। चांद डूबते सूरज के बाईं ओर ~13° होगा, क्षितिज से 12.6° ऊपर।

चाँद की आयु
1.0 दिन
सूर्य-चंद्र दूरांश
14.1°

फ़ेज़ की स्थापना इदरीसी वंश ने आठवीं और नौवीं शताब्दी के अंत में की और यह मोरक्को की प्रमुख धार्मिक व बौद्धिक राजधानी बनी। अल-क़रावियीन मस्जिद, जिसे 859 ईसवी में फ़ातिमा अल-फ़िहरी ने स्थापित किया और बारहवीं शताब्दी में अल्मोरावियों के अधीन पर्याप्त विस्तार किया गया, विश्व में उच्च शिक्षा की सबसे पुरानी निरंतर संचालित संस्थाओं में से एक है; इसने मालिकी न्यायविदों की पीढ़ियाँ प्रशिक्षित कीं, जिनमें कुछ समय इतिहासकार इब्न ख़ल्दून भी शामिल रहे। अंदलुसियीन मस्जिद, उसी पीढ़ी में अल-फ़िहरी की बहन मरयम द्वारा स्थापित, फ़ेज़ नदी के पूर्वी किनारे को आधार देती है। चौदहवीं सदी के मरीनी मदरसे — बू इनानिया, अत्तारीन और सहरीज — नक़्काशीदार देवदार, प्लास्टर और ज़ेलीज टाइल की श्रेष्ठकृतियाँ हैं। फ़ेज़ आज सक्रिय अल-क़रावियीन, तीजानिया सहित कई सूफ़ी तरीक़ा गृह और यूनेस्को-संरक्षित मदीना में एक परंपरागत मस्जिद संस्कृति बनाए हुए है।