मक्कामक्का, Makkah में नमाज़ के समय
मक्का, Makkah में नमाज़ के समय
गणना विधि बदलें
अलग विधि से समय देखें। सउदी अरब का डिफ़ॉल्ट है उम्मुल क़ुरा, मक्का.
- जाफ़री — इस्ना अशरी
- यूनिवर्सिटी ऑफ़ इस्लामिक साइंसेज़, कराची
- इस्लामिक सोसायटी ऑफ़ नॉर्थ अमेरिका (ISNA)
- मुस्लिम वर्ल्ड लीग (राबिता)
- उम्मुल क़ुरा, मक्का
- मिस्र सर्वेक्षण सामान्य प्राधिकरण
- कस्टम
- तेहरान विश्वविद्यालय — भू-भौतिकी संस्थान
- अल्जीरिया धार्मिक मामलों का मंत्रालय
- खाड़ी — इशा स्थिर 90 मिनट
- मिस्र सर्वेक्षण सामान्य प्राधिकरण (वैकल्पिक)
- फ़्रांस में इस्लामी संगठनों का संघ (UOIF)
- इंडोनेशिया हिसाब रुकयत सूचना प्रणाली
- दियानेत — तुर्की धार्मिक मामलों की अध्यक्षता
- जर्मनी — कस्टम
- रूस — कस्टम
- कुवैत औक़ाफ़ मंत्रालय
- ट्यूनीशिया धार्मिक मामलों का मंत्रालय
- लंदन यूनिफ़ाइड नमाज़ का समय
- मजलिस उगामा इस्लाम सिंगापुरा (MUIS)
- वर्ल्ड इस्लामिक मिशन (ओस्लो)
- विश्वव्यापी चाँद देखने की समिति
- जॉर्डन औक़ाफ़ मंत्रालय
- जाबातन केमाजुअन इस्लाम मलेशिया (JAKIM)
- इंडोनेशिया गणराज्य धार्मिक मंत्रालय
- मोरक्को हबूस एवं इस्लामी मामलों का मंत्रालय
- दुबई (Aladhan के अनुसार प्रायोगिक)
- लिस्बन इस्लामी समुदाय
- क़तर (औक़ाफ़ मंत्रालय)
अतिरिक्त समय
मक्का, Makkah सउदी अरब के सटीक नमाज़ के समय
मक्का, Makkah, सउदी अरब में सटीक नमाज़ के समय प्राप्त करें, उम्मुल क़ुरा, मक्का विधि से अस्र के लिए मानक (शाफ़ी, हंबली, मालिकी) फ़िक़्ही गणना के साथ। आज फ़ज्र 04:11 पर शुरू होता है और इशा 20:30 पर। फ़ज्र से मगरिब तक रोज़े की अवधि 14 घंटे 49 मिनट है।
टाइमज़ोन और निर्देशांक
मक्का Asia/Riyadh टाइमज़ोन (UTC +03:00) में स्थित है, अक्षांश 21.4267 और देशांतर 39.8261 पर। eSalah डेलाइट सेविंग टाइम के लिए स्वचालित रूप से समायोजित करता है।
🌖 मक्का में आज रात चांद
पूरा विवरण →- सूर्योदय
- 05:37 am
- सूर्यास्त
- 06:59 pm
- चंद्रोदय
- 09:45 pm
- चंद्रास्त
- 07:49 am
आज रात चांद सूरज से पहले डूबेगा — सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में अर्धचंद्र दिखाई नहीं देगा।
- चाँद की आयु
- 18.1 दिन
- सूर्य-चंद्र दूरांश
- 141.1°
मक्का इस्लाम का आध्यात्मिक केंद्र है, मस्जिद अल-हराम के भीतर काबा का स्थान, जिसकी ओर दुनिया भर के मुसलमान अपनी पाँच दैनिक नमाज़ों में मुख करते हैं और जिसके चारों ओर हाजी वार्षिक हज के दौरान तवाफ़ करते हैं। पैगंबर मुहम्मद ﷺ का जन्म यहाँ लगभग ५७० ईस्वी में हुआ, जबल अल-नूर पर हिरा गुफा में पहली कुरआनी वही प्राप्त की, और ६३० ईस्वी में अपने समुदाय के साथ लौटकर इस पवित्र स्थल को एकेश्वरवादी उपासना हेतु पुनः समर्पित किया। अब्बासी, उस्मानी और आधुनिक सऊदी राज्य के अधीन निरंतर विस्तारित मस्जिद अल-हराम अब दस लाख से अधिक नमाज़ियों को समायोजित करती है, जबकि निकटवर्ती अराफात का मैदान तथा मीना और मुज़दलिफ़ा के क़स्बे हज की अनुष्ठानिक भूगोल रचते हैं। मक्का का महत्व केवल ऐतिहासिक नहीं है: प्रति वर्ष लगभग बीस से तीस लाख हाजी हज करते हैं, करोड़ों उमरा करते हैं, और नगर हराम के चारों ओर तिलावत, अनुष्ठानिक आतिथ्य और विद्वत्ता की वर्षभर की संस्कृति बनाए रखता है।